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Listen Aamir Khan

आमिर ख़ान जैसे सेलिब्रिटी को कबसे हिन्दुस्तान में रहने में ख़तरा महसूस होने लगा..क्या नहीं दिया इस देश ने उन्हे..नाम, पैसा, इज्ज़त, शोहरत सबकुछ..ना सिर्फ आमिर को बल्कि उनके पिता, दादा, पड़दादा..सबको इस देश के लोगों ने गले से लगाया..और बेशुमार दौलत से नवाज़ा..आमिर का बाल-बांका भी ना हो इसके लिए भारतीय पुलिस उन्हे दिन-रात सुरक्षा कवर देती है..लगता है फिल्मों और सत्यमेव जयते जैसे टीवी शो में एक्टिंग करते-करते आमिर अब असली ज़िंदगी में भी लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करने लगे हैं...ख़ान साहब, अगर आपको लाइमलाइट में बने रहना है तो काम कीजिए...ड्रामा नहीं...वर्ना जिन लोगों ने आपको सिर-आंखों पर बैठाया है उन्हे आपको गिराने में ज़रा भी देर नहीं लगेगी...

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खुद को कितना सताओगे?

अपने आप को चाहें धीरे-धीरे मारो या एक बार में..हमारे अंदर ये जो नन्ही सी जान है..बेचारी, उफ तक नहीं करेगी..यही वजह है कि हम जब चाहें तब अपने आपको दुखी करते रहते हैं..और वो भी चुपचाप सब कुछ सहती रहती है..अगर हमें, खुद से थोड़ा सा भी विरोध करना आता..तो हम ये कभी नहीं कर पाते..हैरत की बात है कि इसकी कोई सजा भी नहीं है..लेकिन सच्चाई तो ये है कि अगर दूसरों को सताना जुर्म है..तो खुद को सताना उससे भी बड़ा जुर्म है..इसलिए खुद के साथ नर्मी से पेश आया करो..और दूसरों को खुश रखने के साथ-साथ अपने आपको भी खुश रखना सीखो.. +anshupriya prasad

गिरने में शरम कैसी?

मेहनत, सफलता की गारंटी नहीं है..संघर्ष, मंज़िल पाने का टिकट नहीं है..बार-बार फेल होगे..बार-बार गिरोगे..हो सकता है कि लक्ष्य भी मिलते-मिलते रह जाए..लेकिन घबराना नहीं..कोशिश करते रहना..क्योंकि मेहनत का कोई और विकल्प नहीं है..सभी कामयाब लोग यही करते हैं..और ज़िंदगी भर करते हैं..पहले तो मंज़िल तक पहुंचने के लिए और फिर उस पर टिके रहने के लिए लगातार मशक्कत करनी पड़ती है..वैसे भी फेल, हमारी प्लानिंग होती है..हम नहीं..इसलिए गिरने से क्या डरना..बढ़े चलो, जब तक है जान..

दर्द भरा नूर..

मोहब्बत करने वाले रोज़ थोड़ा-थोड़ा मरा करते हैं..क्योंकि किसी और को अपना हिस्सा बनाने के लिए खुद को मिटाना पड़ता है..तभी दूसरे के लिए जगह बनती है..अपना वजूद जितना मिटेगा, उतना ही प्यार बढ़ता चला जाएगा..ज़रूरी नहीं है कि जितनी प्रीत आप कर सकते हो, उतनी वापस भी मिल जाए..क्योंकि प्रेम तो केवल वही निभा सकते हैं जिन्हें दर्द के नूर में तप-तप कर संवरना आता है..प्रेमी अगर मिल जाएं तो 'राधा-कृष्ण'..और ना मिल पाएं तो 'मीरा-कृष्ण'..