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Showing posts from September, 2016

Surgical Strike against Pak

कुछ खुशियां कितनी कॉमन होती हैं..सबके दिलों में एक साथ समा जाती हैं..कुछ मुस्कुराहटें भी सेम टु सेम होती हैं..जादू की तरह एक चेहरे से दूसरे चेहरे तक फैलती चली जाती हैं..जंग छेड़ना हमारी फितरत नहीं लेकिन अपनी रक्षा करना हमारा धर्म है..तभी तो पूरा देश एक साथ मुस्कुरा उठा है..जय हिन्द की सेना..जय हिन्द.. +anshupriya prasad

जितनी ज़्यादा नफ़रत, उतना गहरा रिश्ता

जिस तरह से प्यार से रिश्ते बनते हैं उसी तरह नफ़रत से भी अटूट रिश्ते बनते हैं..नफ़रत हमारी रूह पर फेविकॉल के जोड़ की तरह चिपक जाती है..और फिर हम जन्म-जन्मांतर तक उन लोगों को ढोते रहते हैं जिन्हें हम एक पल भी बर्दाश्त नहीं कर सकते..कहते हैं, जितनी ज़्यादा नफ़रत, उतना ही गहरा रिश्ता हमारे हाथ की लकीरों में लिख दिया जाता है..इसलिए भलाई इसी में है कि उन लोगों से रिश्ते सुधार लिए जाएं..जो हमारे करीबी तो हैं लेकिन लगातार चोट पहुंचाते रहते हैं..और अगर ये मुश्किल लगे तो उन्हें माफ़ कर दो..ऐसा करने से भले ही अगला जन्म सुधरे या ना सुधरे..लेकिन ये जन्म ज़रूर सुधर जाएगा.. +anshupriya prasad

Gratitude is the Key

जब कुछ काम नहीं आता तो दुआ काम आती है..प्रार्थना (Prayer) में इतनी शक्ति है कि वो बड़े से बड़ा चमत्कार कर सकती है..लेकिन उससे पहले ये ज़रूरी है कि जो मिला है उसमें खुश रहना सीखो..फिर चाहें हालात कैसे भी हों..शिकायतें बंद करो और अपनी नेमतों (Blessings) के लिए सच्चे मन से खुदा के शुक्रगुज़ार बनो..जब ईश्वर से इतना कनेक्शन जुड़ जाएगा तब कोई भी दुआ..कोई भी प्रार्थना..कभी खाली नहीं जाएगी..क्योंकि हमारी प्लानिंग फेल हो सकती है लेकिन ईश्वर की नहीं.. +anshupriya prasad

क्योंकि हार में भी जीत है..

असफलता नाम की कोई चीज़ नहीं है..हम हारा हुआ इसलिए महसूस करते हैं क्योंकि दूसरे उसे हमारी नाकामयाबी समझते हैं..लेकिन सही मायनों में वो एक सीख है..जिससे सबक लेकर हमें आगे बढ़ना चाहिए..वैसे भी जंग जितनी घमासान होती है योद्धा का कौशल उतना निखरता है..इसलिए हार मत मानो..कोशिश करते रहो..क्योंकि जो गिरेगा नहीं वो चलना कैसे सीखेगा.. +anshupriya prasad