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Showing posts from October, 2016

Love never fails

प्यार, अगर करना है तो पहले अपने आप से करो..खुशियां, अगर बांटनी हैं तो पहले खुद खुश रहना सीखो..क्योंकि जब तक हम अपने आप से मोहब्बत नहीं करेंगे..तब तक किसी को भी 100% प्यार नहीं दे पाएंगे..और जब तक खुद खुश नहीं रहेंगे..तब तक अपनों को 100% खुश नहीं रख पाएंगे..वैसे भी हम वही दूसरों को दे सकते हैं जो हमारे पास मौजूद हो..तो ये दीवाली Love और Happiness के नाम..खूब खुश रहो और बेहिसाब खुशियां बांटो.. +anshupriya prasad

यकीन वो है..जो अनहोनी को भी पलट दे..

समय कभी अच्छा या बुरा नहीं होता..हमारी सोच, हमारा नज़रिया..इसे अच्छे या बुरे में तब्दील कर देता है..अगर हम ये मानकर बैठ जाएं कि हमारा समय खराब चल रहा है..और आसपास होने वाली हर चीज़ को अपनी बदकिस्मती से जोड़ने लगें..तो दुनिया की कोई भी ताकत उस समय को अच्छे में नहीं बदल सकती..लेकिन अगर हम इस बात का यकीन रखें कि समय हमेशा अच्छा होता है..कभी गम, कभी खुशी..तो लगे ही रहते हैं..साथ-साथ बेहतरी की दिशा में भी लगातार प्रयास करते रहें..तो समय की गाड़ी अपने आप ही पटरी पर आ जाएगी..और बिगड़े काम भी बनने शुरू हो जाएंगे..क्योंकि यकीन वो है..जो अनहोनी को भी पलट दे..फिर चाहें वो खुद पर हो या खुदा पर.. +anshupriya prasad

बेटा पिता के लिए तड़पे तो कलम बहाए आंसू

प्रिय पापा,
मुझे तुम रोज़ याद आते हो, मैं तुम्हें रोज़ याद करता हूँ..
तुम्हीं ने कहा था यहाँ से जो जाता है, वो वहाँ चला जाता है तारों में ,
एक तारा बन जाता है, अब ये बात मैं जानता हूँ कि ग़लत है पर मानता नहीं कि ग़लत है,
मुझे आसमां के हर तारे से बात करना अच्छा लगता है... क्यूंकि उनमें छुपा मेरा बचपन लुका छुपी खेलता है,
अपने आप को कभी छुपाता /कभी ढूंढता है/ और गाहे ब गाहे पा भी लेता है/ उस वक़्त जब किसी तारे में तुम दिखाई दे जाते हो/
तुम्हें इस तरह पकड़ लेना बहुत अच्छा लगता है/ तुम से लिपट जाना अच्छा लगता है/
क्यूंकि ये आगोशी रूहानी होती है/ जिस्मानी नहीं कि तुम बस यूँ ही चले जाओगे और/
मैं वेदों की , शास्त्रों की ऋचाएं सुनता बिलखता तुम्हें पञ्च तत्व में विलीन कर आऊँगा /
यूँ अचानक रातों रात राजकुमार से राजा बन जाऊंगा/ काँटों वाले ताज से मस्तक सजाऊँगा/ और बच्चे से बड़ा बन जाऊंगा/ हर बार तुम मेरा बचपन नहीं छीन पाओगे /
मैं तुम्हें याद करता रहूँगा और तुम ये वादा करों कि तुम मुझे याद आते रहोगे / 
क्यूंकि मुझे ये झुठलाना अच्छा लगता है, जो किसी ने उस रोज़ कहा था,
" वक़्त हर ग़म भुला देता है धीरे धी…